शहरों का आकर्षण, गांव से मोहभंग का बन रहा कारण
गांवों में बसने वाला भारत बड़ी तेजी से शहरों की ओर आकर्षित होता जा रहा है और लोगों का गांवों से मोहभंग भी होता जा रहा है. अगर यह मोहभंग ऐसे ही जारी रहा तो यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में भारत की वास्तविक पहचान धीरे-धीरे बदल सकती है. गांवों से पलायन करने के मुख्य कारणों में अगर रोजी-रोजगार है तो कहीं न कहीं मूलभूत सुविधाओं का अभाव होना भी एक महत्वपूर्ण वजह है. आज जीवनयापन के लिए गांवों में रोजगार की सुविधा न होने के कारण लोग घर-परिवार छोड़कर नौकरी की चाह में शहरों की ओर ताक रहे हैं. पलायन के चलते कहीं न कहीं इससे कृषि क्षेत्र भी प्रभावित हो रहा है. कृषि प्रधान देश कहा जाने वाला भारत अपने किसानों को जीवनयापन के लिए आधार बनने के बजाय आधार खोता जा रहा है. कृषि के परिणाम से विवश होकर लोग अन्य रास्ता चुनने पर मजबूर हो रहे हैं. कृषि क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाले भारत के लिए कृषि चुनौती बनता जा रहा है. कृषि क्षेत्र में घटता लाभ और बढ़ती महंगाई अन्य व्यवसाय चुनने के लिए विवश कर रही है.
आज हर एक परिवार से एक न एक सदस्य शहरों में नौकरी के लिए जाने को मजबूर हैं. और जो जा रहे हैं वह वहीं के होकर रह जा रहे हैं. शहरों का सामाजिक स्तर और जीवन स्तर को देख वह प्रभावित होते हैं और धीरे-धीरे गांव से निकलने की सोचने लगते हैं. वह परिवार और बच्चों को बेहतर भविष्य देने की चाह में और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के चलते अपना सर्वस्व बसाना चाहते हैं. शहरों की ओर बढ़ते पलायन य कहें की पलायन के चलते शहरों में बढ़ती भीड़ शहरों की दुर्दशा का कारण बन रही है. सीमित संसाधनों में असीमित उपभोक्ता का होना कहीं गावों जैसा हाल शहरों का भी न हो जाये. यह एक चुनौती भरा सवाल है. गांवों और शहरों का सामंजस्य बरकरार रखने की आवश्यकता है. और इसे बरकरार रखने के लिए गांवों तक शहरी सुविधाओं को पहुंचाने की जरूरत है.
ज्ञानी बाबा इसका कोई उपाय की लोग शहर कम पलायन करें
ReplyDeleteगांवों और शहरों का सामंजस्य बरकरार रखने की आवश्यकता है. और इसे बरकरार रखने के लिए गांवों तक शहरी सुविधाओं को पहुंचाने की जरूरत है. अंतिम पंक्ति में ही उपाय बताया गया है. ध्यान से पढ़ें.
Deleteज्यादा उपाय यह है कि जितनी समस्याओं का जिक्र हुआ है उनका निवारण कर दिया जाए.