छोटे कद के बड़े नेता थे लालबहादुर शास्त्री
भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री का जन्मजयंती वर्ष पूरा देश गर्व के साथ मनाया. उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में जन्में शास्त्री का पूरा जीवन देशप्रेम में ही बीता. अतिशयोक्ति न होगी अगर शास्त्री को देशभक्त का पर्याय कहा जाए तो. देशवासियों को 'जय जवान जय किसान' का संदेश देने वाले भारत माँ की चेतना को जागृत करने वाले एक ऐसे पुरोधा जो राजनीति भी करते थे तो उनके सिद्धांत ऐसे थे कि वे कहते थे "लोगों को सच्चा लोकतंत्र और स्वराज कभी भी झूठ और असत्य से प्राप्त नहीं हो सकता". बेहद गरीबी की हालात में गुजर-बसर करने वाले शास्त्री जी कभी संघर्षों से घबराए नहीं. उन्होंने परिस्थितियों से कभी मुँह नहीं मोड़ा. सदैव डटकर सामना किया, तब जाकर एक सामान्य नाम आज हमारे बीच में अमर हुआ है. इतना ही नहीं उनका व्यक्तित्व सामान्य नहीं था या कहें कि सामान्य से लालबहादुर शास्त्री असामान्य व्यक्तित्व थे. ऐसा इसलिए भी कि शास्त्री जी ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, ईमानदारी व प्रखर राष्ट्रवादी सोच से भरपूर तो थे ही साथ ही साथ सादगी के प्रतिमूर्ति थे. उन्हें त्याग और समर्पण के संवाहक प्रधानम...