छोटे कद के बड़े नेता थे लालबहादुर शास्त्री


भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री का जन्मजयंती वर्ष पूरा देश गर्व के साथ मनाया. उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में जन्में शास्त्री का पूरा जीवन देशप्रेम में ही बीता. अतिशयोक्ति न होगी अगर शास्त्री को देशभक्त का पर्याय कहा जाए तो. देशवासियों को 'जय जवान जय किसान' का संदेश देने वाले भारत माँ की चेतना को जागृत करने वाले एक ऐसे पुरोधा जो राजनीति भी करते थे तो उनके सिद्धांत ऐसे थे कि वे कहते थे "लोगों को सच्चा लोकतंत्र और स्वराज कभी भी झूठ और असत्य से प्राप्त नहीं हो सकता". 

बेहद गरीबी की हालात में गुजर-बसर करने वाले शास्त्री जी कभी संघर्षों से घबराए नहीं. उन्होंने परिस्थितियों से कभी मुँह नहीं मोड़ा. सदैव डटकर सामना किया, तब जाकर एक सामान्य नाम आज हमारे बीच में अमर हुआ है. इतना ही नहीं उनका व्यक्तित्व सामान्य नहीं था या कहें कि सामान्य से लालबहादुर शास्त्री असामान्य व्यक्तित्व थे. ऐसा इसलिए भी कि शास्त्री जी ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, ईमानदारी व प्रखर राष्ट्रवादी सोच से भरपूर तो थे ही साथ ही साथ सादगी के प्रतिमूर्ति थे. उन्हें त्याग और समर्पण के संवाहक प्रधानमंत्री भी कहना गलत नहीं होगा. सौम्यता, विनम्रता, सहजता, और बेहद ही शालीन माने जाने वाले नेता थे. अपनी नेतृत्व क्षमता और अनुभवों के आधार पर उन्होंने पूरे विश्व में भारत का परचम लहराया. गर्व से माँ भारती का मस्तक ऊंचा किया. शास्त्री जी ऐसे महान देशभक्त थे कि उन्होंने देश के स्वाभिमान को कभी डगमगाने नहीं दिया. आवश्यकता पड़ने पर 1965 जैसे कारनामे करने में भी नहीं कतराए. वह शास्त्री जी ही थे जिसके निर्णायक नेतृत्व ने 1965 के युद्ध के दौरान सेना का मनोबल बढ़ाया और भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारी मात दी. वे देश की परंपरा, व्यवस्था और संस्कृति में विश्वास रखते थे तभी वह कहा करते थे 'कानून का सम्मान किया जाना चाहिए ताकि हमारे लोकतंत्र की बुनियादी संरचना बरकरार रहे और, और भी मजबूत बने'. पक्के इरादे के नेता शास्त्री जी ने समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिए डटकर मुकाबला किया. उन्होंने कहा कि 'अगर कोई एक व्यक्ति भी रह जाए जिसे किसी रूप में अछूत कहा जाए तो भारत को अपना सर शर्म से झुकाना पड़ेगा'.

वर्तमान राजनीति को लाल बहादुर शास्त्री जैसा अद्भुत, असंख्य प्रतिभा से युक्त, दृढ़संकल्पी, पक्के इरादे वाले नेता की जरूरत है. वह व्यक्तित्व मात्र लालबहादुर शास्त्री ही हो सकते हैं. लालबहादुर शास्त्री का दिखाया पथ हम सब के लिए मंजिल के शिखर तक पहुंचाएगा. बसर्ते पूरी निष्ठा के साथ उस पथ का अनुसरण करने की आवश्यकता है. सच्चे मन से माँ भारती के सच्चे सपूत को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं.

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