सोशल मीडिया
सोशल मीडिया के जरिए एक ऐसा औजार पूरी दुनिया के लोगों के हाथ लगा है जिससे हर कोई स्वयं ही जुड़ना चाह रहा है और जुड़ रहा है। यूं कहें कि आज का दौर सोशल मीडिया का दौर कहा जाने लगा है।सोशल मीडिया ऑनलाइन दुनिया है, इसके जरिए वह ना सिर्फ अपनी बातों को दुनिया के सामने रख रहा है बल्कि दूसरों की बातों सहित दुनिया की तमाम घटनाओं से अवगत भी हो रहा है। सोशल मीडिया की सहायता से एक क्लिक में यूज़र अपनी बात दुनिया के किसी भी कोने में पहुंचा सकता है सोशल मीडिया संवाद,संपर्क व मनोरंजन के साथ साथ नौकरी ढूंढने प्रचार-प्रसार उत्पादों या लेखन आदि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्थान बना रहा है।
सोशल मीडिया न्यू मीडिया का प्रमुख अंग है न्यू मीडिया संचार का वह संवादात्मक स्वरुप है जिससे इंटरनेट का प्रयोग करके सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए पारस्परिक संवाद स्थापित करते हैं। सोशल मीडिया टू-वे कम्युनिकेशन का सशक्त माध्यम है,इसका यही गुण इसको अधिक लोकप्रिय एवं प्रभावी बनाता है।
इंटरनेट के सहयोग से सोशल मीडिया सामाजिक मेल-मिलाप और संबंधों का सूत्रधार बन रहा है। घर बैठे दुनिया भर से अनजान और अपरिचित लोगों से संबंध बनाए जा रहे हैं तो आपसी सुख-दुख, पढ़ाई-लिखाई, मौज-मस्ती, काम धंधे की बातों सहित सपनों की भी बातें हो रही हैं।
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है खुद को पॉपुलर दिखाने का सबको शौक रहता है। अधिक पॉपुलर दिखना यानि अधिक दोस्त होना।सोशल नेटवर्किंग साइट्स मनुष्य के इसी मनोविज्ञान को खूब भुना रही है। सोशल मीडिया सूचना व संचार का सशक्त जरिया बन गया है।
सोशल मीडिया के जरिए संपर्कों का दायरा बढ़ रहा है तो अपने विचार फोटो और वीडियो लोग शेयर भी कर रहे हैं सदुपयोग किया जाए तो सोशल मीडिया ज्ञान प्राप्ति का उत्कृष्ट माध्यम बन सकता है।
सोशल मीडिया का दायरा बढ़ता जा रहा है हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में इसकी पूरी ताकत देखने को मिली थी।सामाजिक व राजनीतिक आंदोलनों को सोशल मीडिया के जरिए अधिक बढ़ावा मिल रहा है। इसका परिणाम दिल्ली में 2012 में हुए गैंगरेप को देख लो कैसे दोषियों को सजा दिलाने के लिए लोग एकजुट हो गए थे।
सोशल मीडिया न्यूज़ ब्रेक कर रहा है। तमाम सरकारी योजनाएं सोशल मीडिया का प्रयोग करके जनता तक पहुंचाई जा रही है, तो नेता प्रेस कांफ्रेंस के बजाय सोशल मीडिया के जरिए ही अपनी बात लोगों तक पहुंचाना उचित समझने लगे हैं। कहीं नोकझोंक तो कहीं मनःस्थिति को लोग सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। गुस्से का इजहार हो य बेटी होने या शादी होने की जानकारी भी सोशल मीडिया के जरिए मिल रही है।
सोशल मीडिया के नकारात्मक पहलू भी हैं।सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक विचार/बात,फोटो,वीडियो अपलोड कर देते हैं जिसके कारण दंगे भड़कने की संभावना बन जाती है। सोशल मीडिया के प्रति इन्हीं कारणों के चलते विश्वसनीयता का अभाव पाया गया है। आवांछित सूचनाएं प्रकाशित की जाती है,जिसके कारण धन और समय दोनों नष्ट होते हैं। सोशल मीडिया लत व मानसिक बीमारी का कारण बनता जा रहा है। अफवाओं को जन्म देना सोशल मीडिया के लिए आम है। रिश्तो में भी विश्वास की कमी आ रही है।सोशल मीडिया के जरिए अश्लीलता को बढ़ावा मिला है तो सबसे प्रमुख चुनौती "प्राइवेसी" को लेकर है।
सोशल मीडिया न्यू मीडिया का प्रमुख अंग है न्यू मीडिया संचार का वह संवादात्मक स्वरुप है जिससे इंटरनेट का प्रयोग करके सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए पारस्परिक संवाद स्थापित करते हैं। सोशल मीडिया टू-वे कम्युनिकेशन का सशक्त माध्यम है,इसका यही गुण इसको अधिक लोकप्रिय एवं प्रभावी बनाता है।
इंटरनेट के सहयोग से सोशल मीडिया सामाजिक मेल-मिलाप और संबंधों का सूत्रधार बन रहा है। घर बैठे दुनिया भर से अनजान और अपरिचित लोगों से संबंध बनाए जा रहे हैं तो आपसी सुख-दुख, पढ़ाई-लिखाई, मौज-मस्ती, काम धंधे की बातों सहित सपनों की भी बातें हो रही हैं।
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है खुद को पॉपुलर दिखाने का सबको शौक रहता है। अधिक पॉपुलर दिखना यानि अधिक दोस्त होना।सोशल नेटवर्किंग साइट्स मनुष्य के इसी मनोविज्ञान को खूब भुना रही है। सोशल मीडिया सूचना व संचार का सशक्त जरिया बन गया है।
सोशल मीडिया के जरिए संपर्कों का दायरा बढ़ रहा है तो अपने विचार फोटो और वीडियो लोग शेयर भी कर रहे हैं सदुपयोग किया जाए तो सोशल मीडिया ज्ञान प्राप्ति का उत्कृष्ट माध्यम बन सकता है।
सोशल मीडिया का दायरा बढ़ता जा रहा है हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में इसकी पूरी ताकत देखने को मिली थी।सामाजिक व राजनीतिक आंदोलनों को सोशल मीडिया के जरिए अधिक बढ़ावा मिल रहा है। इसका परिणाम दिल्ली में 2012 में हुए गैंगरेप को देख लो कैसे दोषियों को सजा दिलाने के लिए लोग एकजुट हो गए थे।
सोशल मीडिया न्यूज़ ब्रेक कर रहा है। तमाम सरकारी योजनाएं सोशल मीडिया का प्रयोग करके जनता तक पहुंचाई जा रही है, तो नेता प्रेस कांफ्रेंस के बजाय सोशल मीडिया के जरिए ही अपनी बात लोगों तक पहुंचाना उचित समझने लगे हैं। कहीं नोकझोंक तो कहीं मनःस्थिति को लोग सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। गुस्से का इजहार हो य बेटी होने या शादी होने की जानकारी भी सोशल मीडिया के जरिए मिल रही है।
सोशल मीडिया के नकारात्मक पहलू भी हैं।सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक विचार/बात,फोटो,वीडियो अपलोड कर देते हैं जिसके कारण दंगे भड़कने की संभावना बन जाती है। सोशल मीडिया के प्रति इन्हीं कारणों के चलते विश्वसनीयता का अभाव पाया गया है। आवांछित सूचनाएं प्रकाशित की जाती है,जिसके कारण धन और समय दोनों नष्ट होते हैं। सोशल मीडिया लत व मानसिक बीमारी का कारण बनता जा रहा है। अफवाओं को जन्म देना सोशल मीडिया के लिए आम है। रिश्तो में भी विश्वास की कमी आ रही है।सोशल मीडिया के जरिए अश्लीलता को बढ़ावा मिला है तो सबसे प्रमुख चुनौती "प्राइवेसी" को लेकर है।
सोशल मीडिया संवाद के नए विकल्प के रूप में निकल कर आया है।नेता, अभिनेता, उद्योगपति हर कोई अपने कार्यों को फैलाने के लिए तथा पहुंच बढ़ाने के लिए इसी का सहारा ले रहे हैं। सोशल मीडिया ने लोगों को पहचान दिलाई है। सोशल मीडिया का भविष्य उज्जवल है परंतु इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना प्रमुख चुनौती है सोशल मीडिया ने आज हर रास्ते को आसान बनाया है। सोशल मीडिया की ताकत का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इतने कम समय में फेसबुक,व्हाट्सअप,इंस्टाग्राम,ट्विटर आदि सोशल साइट्स हर किसी की पहुँच में है।
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