पेपरलीक: अटकाना, लटकाना और भटकाना

परीक्षा का अर्थ य संबन्ध आकलन करने से होता है। परीक्षा वह आधार है जिससे प्रतिभा, क्षमता, योग्यता और गुणवत्ता की पहचान की जाती है। यह एक ऐसी प्रक्रिया होती है जिससे मनुष्य अपना सब कुछ देकर स्वयं को श्रेष्ठ सिद्ध करता है।
किसी भी नवनिर्माण में या प्रगति में प्रतिभा की आवश्यकता होती है और उस प्रतिभा को पहचानने व छांटने के लिए परीक्षा प्रक्रिया सुगम व्यवस्था है और यदि परीक्षा में पारदर्शिता व ईमानदारी नहीं हो तो परीक्षा का कोई उद्देश्य नहीं है। पिछले कुछ सालों में सरकारी परीक्षाओं सरकार द्वारा आयोजित की जा रही  प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे बात आम होती जा रही है जो किसी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाने जैसा है।
पेपर लीक होना सरकार की मंशा  व कार्यपद्धति पर सवाल उठाता है। विश्वास बनाए रखने में चुनौती पैदा होने लगती है परीक्षा जैसे गंभीर विषय पर व्यवस्था का फेल होना सरकार के हर तरफ नाकामी का परिचायक है। यदि परीक्षा से पूर्व पेपर लीक हो जाते हैं तो यह कहा जा सकता है की जिन परीक्षाओं में पेपर लीक होने की ख़बर नहीं आती ऐसे में रिजल्ट में गड़बड़ी हो ऐसे अनुमान लगाया जा सकते हैं। ऐसी कई गड़बड़ियों का पता भी नहीं चला पाता होगा तो ऐसे में परीक्षा के उद्देश्य का क्या होगा।
ऐसी ढीली-ढाली व लचर व्यवस्था से प्रतिभागियों का मनोबल टूटता है, रुचि में कमी आती है और शतप्रतिशत देने से चूकते हैं तथा अन्य व्यवस्थाओं की फिराक में लग जाते हैं जो कि यह भविष्य के लिए भयावह चुनौती व संदेश है। परीक्षा की विश्वसनीयता को बनाए रखना होगा अन्यथा प्रतिभाओं की हत्या होगी और अच्छे परिणाम से देश व समाज वंचित होता जाएगा।  पेपर लीक के कारण पेपर रद्द करने के वजह से परीक्षार्थी को आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता है जिसके चलते विद्यार्थी हताश होते हैं, बार-बार पेपर लीक न हो ऐसे संवेदनशील विषयों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ,दोषी को दंडित कर दोबारा ऐसी त्रुटियां ना हो भविष्य में उसके लिए उचित प्रयास प्रबंध व कानून की व्यवस्था करनी चाहिए। यदि परीक्षा के प्रति विश्वसनीयता में कमी आती है तो विकास प्रभावित होगा और प्रतिभा को सही स्थान नहीं मिल पाएगा।
यदि पेपरलीक अटकाना,लटकाना और भटकाना का पर्याय बन जाएगा तो युवाओं के भविष्य के साथ न्याय नहीं हो पाएगा फिर वह
आक्रोशित होगा और समाज को इसके नुकसान का भी सामना करना पड़ सकता है।

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